मुंबई
केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते ही एलआईसी में अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी को बेच दिया था। यह बिक्री ऑफर फार सेल के जरिए की गई थी। अब खबर आ रही है कि कई और कंपनियों में सरकार हिस्सेदारी घटाने जा रही है। ये कंपनियां हिन्दुस्तान कॉपर, हिन्दुस्तान जिंक, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स आईआरटीसी है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार सरकार की प्रथामिकता में हिन्दुस्तान कॉपर और हिन्दुस्तान जिंक है। बता दें, वित्त मंत्रालय की तरफ से कोई भी आधिकारिक ऐलान अबतक नहीं हुआ है।
किस कंपनी की कितना हिस्सा बेचने की है तैयारी
सरकार की तरफ से कितना हिस्सा बेचा जाएगा। इसको लेकर स्पष्ट जानकारी बाहर नहीं आ पाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार हिन्दुस्तान जिंक में सरकार अपनी हिस्सेदारी 1.5 प्रतिशत घटाने पर विचार कर रही है। यह अन्य कंपनियों की तुलना में कम हिस्सा होगा। लेकिन कंपनी का मार्केट कैप अधिक होने की वजह से इस हिस्सेदारी की बिक्री अधिक कीमत की हो सकती है।
हिन्दुस्तान कॉपर की बात करें तो सरकार की तरफ से 5 प्रतिशत हिस्सेदारी को बेचा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार साइज मार्केट के कंडीशन्स पर निर्भर करेगा।
इस साल कई सरकारी कंपनियों के शेयरों को बेचा गया
कोल इंडिया, एनएचपीसी, जनरल इंश्योरेंस कारपोरेशन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन के साथ-साथ एलआईसी में हिस्सेदारी सरकार ने घटाई है। दीपप के आंकड़ो के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने 61638.61 करोड़ रुपये टोटल जुटाए हैं। इसमें 52716.02 करोड़ रुपये डिसइनवेस्टमेंट से आया है। 6366.93 करोड़ रुपये एसेट मोनेटाइजेशन से आया है। वहीं, 2555.66 करोड़ रुपये डिविडेंड से मिला है।
एलआईसी के शेयरों की बिक्री
केंद्र सरकार ने एलआईसी के शेयरों की बिक्री 382 रुपये प्रति शेयर के दर पर बेचा था। सरकार ने कुल 6.50 प्रतिशत हिस्सा बेच दिया था। एक्सचेंज के नियमों के अनुसार इस लिस्टेड कंपनी में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक की होनी चाहिए। इसके लिए 16 मई 2027 डेडलाइन थी। हालांकि, सरकार ने तय समय सीमा से लगभग एक साल पहले ही बिक्री कर दी। इस ऑफर फार सेल की कीमत 31000 करोड़ रुपये है।






