रायपुर.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है।
इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। “गांव-गांव, द्वार-द्वार” पहुंच रही प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। शिविर में कुल 5 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की अनामिका टोप्पो, मयूरचुंदी की लीलावती गोंड तथा सेली खेस की गीता सिंह सहित अन्य हितग्राही शामिल हैं।
राशन कार्ड प्राप्त होने पर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। हितग्राहियों ने कहा कि सुशासन तिहार उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव के नजदीक पहुंचकर त्वरित समाधान उपलब्ध करा रहा है।सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी
छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन’ की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।
शासन की योजनाओं का मिला संबल
जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी।
जब जीवन लाल को ग्रामीणों से ‘सुशासन तिहार’ के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे।
संवेदनशील प्रशासन, सशक्त नागरिक
ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है। धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है।
मत्स्य पालकों के लिए सुशासन शिविर बना वरदान
दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं।
विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही हिड़मा मण्डावी एवं महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य कर रहा हैं। इनके द्वारा उसे प्रतिवर्ष 30 से 40 हजार रूपये मछली विक्रय कर आमदनी होती हैं। जैसा कि हिड़मा ने बताया कि पूर्व में इनके पास जाल उपलब्ध नहीं थे। जिसके फलस्वरूप किराये से जाल लाकर मत्स्याखेट करना पड़ता था। परन्तु राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से सुशासन तिहार 2026 में इन्हें मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे मत्स्याखेट करने में कोई परेशानी नहीं होगी एवं किराये से जाल होने की स्थिति से बचकर वह बेहतर आय अर्जित करेगा।
इसी प्रकार एक और अन्य हितग्राही महादेव मरकाम पिता हड़मा ग्राम भूसारास वि.ख. कटेकल्याण के मत्स्य कृषक को सुशासन तिहार 2026 में विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत मछली विक्रय हेतु आइस बॉक्स प्रदाय किया गया है। चूंकि इसके पहले कृषक महादेव को अपने तालाब से निकाली गई मछली को तुंरत आस-पास के स्थानीय बाजारों में ले जाना पड़ता था। और मछली स्टोरेज करने हेतु आईस बाक्स न होने से मछलियों के खराब होने की स्थिति आ जाती थी। लेकिन अब महादेव खुश है क्योंकि सुशासन शिविर में आईस बाक्स प्रदान किया गया। वह अपने तालाब की मछली को निकालकर विक्रय हेतु बाजार ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और मछली खराब होने की स्थिति से राहत मिलेगा।
इसके अलावा ग्राम पंचायत हल्बारास वि.ख. कुआकोंडा में भी मत्स्य कृषक परमेश्वर राना पिता नवल राना एवं सुनील कुमार भोयर पिता सामनाथ भी मत्स्य सामग्रियों से लाभान्वित हुए। कृषक परमेश्वर राना द्वारा विगत 08 वर्षों से अपने स्वयं के भूमि में 0.50 हे. का तालाब निर्माण कर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार की आमदनी प्राप्त हो रही है। पूर्व में कृषक के पास मत्स्याखेट हेतु जाल उपलब्ध नही होने के कारण मछली पकड़ने में परेशानी हो रही थी। वर्तमान में कृषक को सरकार की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 में विभाग द्वारा मत्स्यासेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे कृषक को अब मछली पकड़ने में कोई परेशानी नही होगी।
वही सुनिल कुमार के पास भी पूर्व में मछली विक्रय हेतु बाजार तक ले जाने का कोई साधन नहीं था जिससे मछली खराब होने की संभावना बनी रहती थी। परन्तु आईस बाक्स मिलने से जिससे कृषक को बाजार तक मछली ले जाने में दिक्कत नहीं होगा। इस प्रकार राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन शिविर ने हिड़मा मण्डावी, महादेव मरकाम, परमेश्वर राना, सुनील कुमार भोयर जैसे सैकड़ों हितग्राहियों की व्यवहारिक एवं आर्थिक दिक्कतों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूर दराज के ग्रामीणों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने समझने और इसके समाधान करने का यह अभिनव प्रयास सुशासन को सार्थक कर रहा हैं







