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मेड इन इंडिया’ को मिल रही वैश्विक मांग, इंदौर बना ई-कॉमर्स निर्यात का नया केंद्र

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भोपाल

वैश्विक बाजारों में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच मध्यप्रदेश के एमएसएमई और डी2सी ब्रांड्स अब सीधे अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। इसी दिशा में इंदौर में अमेज़न के ई-कॉमर्स निर्यात कार्यक्रम अमेज़न ग्लोबल सेलिंग द्वारा "एक्सपोर्ट हाट" का आयोजन किया गया, जिसने उभरते उद्यमियों और निर्यातकों को वैश्विक व्यापार से जोड़ने का सशक्त मंच प्रदान किया।

अमेज़न ग्लोबल सेलिंग द्वारा वर्ष 2015 से अब तक 2 लाख से अधिक भारतीय निर्यातकों को 20 बिलियन डॉलर से अधिक के संचयी ई-कॉमर्स निर्यात तक पहुंचने में सहयोग दिया गया है। इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में 150 से अधिक निर्यातकों ने भागीदारी की, जिनमें भोपाल सहित आसपास के क्षेत्र के निर्यातक शामिल रहे। कार्यक्रम के माध्यम से एमएसएमई, डी2सी ब्रांड्स और टियर-2 शहरों के उद्यमियों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसमें निर्यात व्यवसाय की स्थापना, विस्तार, बाजार अवसरों की पहचान, लॉजिस्टिक्स, अंतर्राष्ट्रीय भुगतान और ई-कॉमर्स निर्यात से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं को शामिल किया गया।

इस वर्ष अमेज़न ग्लोबल सेलिंग द्वारा तिरुपुर, करूर और ठाणे जैसे प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में भी इसी प्रकार की पहलें आयोजित की जा रही हैं। इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (एफआईईओ) के सहयोग से सम्पन्न हुआ, जिसने क्षेत्र की बढ़ती निर्यात क्षमता को रेखांकित किया। वस्त्र, हस्तशिल्प, होम डेकोर और खाद्य उत्पादों के मजबूत विनिर्माण आधार के कारण मध्यप्रदेश वैश्विक विस्तार के इच्छुक छोटे व्यवसायों के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बन रहा है। वर्तमान में राज्य के 8 हजार से अधिक निर्यातक अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में सक्रिय हैं।

एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक एवं निर्यात आयुक्त  चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश मजबूत एमएसएमई आधार और विविध उत्पाद श्रेणियों के चलते भारत के निर्यात परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक खरीददारों की बदलती प्राथमिकताओं के बीच ई-कॉमर्स निर्यात स्थानीय व्यवसायों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने और अपने ब्रांड स्थापित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। ऐसे कार्यक्रम विक्रेताओं को डिजिटल टूल्स के उपयोग और निर्यात प्रक्रिया को समझने में सक्षम बना रहे हैं, जिससे इंदौर के व्यवसाय वैश्विक स्तर पर विस्तार कर सकें।

एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी निदेशक  हिमांशु प्रजापति ने बताया कि इंदौर निर्यात और उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। एक्सपोर्ट हाट डिजिटल निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जो एमएसएमई, स्टार्टअप और डी2सी ब्रांड्स को वैश्विक ई-कॉमर्स और क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड की समझ प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर राज्य अपने विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर सकता है।

अमेज़न ग्लोबल सेलिंग इंडिया की प्रमुख निधि कल्पवुड़ी ने बताया कि इंदौर जैसे उभरते केंद्र वैश्विक बाजारों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की वस्त्र और कपास उत्पादन क्षमता अब वैश्विक मांग में परिवर्तित हो रही है, जिससे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की पहुंच दुनिया भर में बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि निर्यात प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए आवश्यक टूल्स, जानकारी और एंड-टू-एंड सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे एमएसएमई और डी2सी ब्रांड्स वैश्विक ग्राहकों तक पहुंच सकें और वर्ष 2030 तक 80 बिलियन डॉलर के संचयी ई-कॉमर्स निर्यात के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

डिटवी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं निदेशक  सचिन सुले ने बताया कि एसजीआई बेडिंग के माध्यम से भारतीय वस्त्र विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग से बाजार रुझानों की समझ, पर्यावरण के प्रति जागरूक ग्राहकों तक पहुंच और फुलफिलमेंट बाय अमेज़न के माध्यम से लॉजिस्टिक्स प्रबंधन में सुविधा मिली है। प्रतिस्पर्धी कीमतों पर टिकाऊ उत्पाद उपलब्ध कराते हुए भारतीय कारीगरी को वैश्विक ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे भारत की वस्त्र क्षेत्र में वैश्विक पहचान और मजबूत हो रही है।

 

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