पटना
बिहार सरकार के युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने पांच साल में 50 लाख युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें हुनरमंद बनाने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके लिए 16 सरकारी विभाग अलग-अलग ट्रेड में युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। इसमें सरकार नामी-गिरामी कंपनियों का भी साथ लेगी। मुख्य जोर उद्योगों और बाजार की जरूरतों के अनुसार रोजगार के लिए युवाओं को तैयार करने पर होगा। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हाल ही में बिहार कौशल विकास मिशन के शासी पर्षद की 21वीं बैठक में इसका खाका तैयार किया गया है। युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने वर्षवार लक्ष्य तय किया है। इसी के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष ( 2026-27) में चार लाख 65 हजार 740 युवाओं का कौशल विकास होगा।
योजनावार होगा युवाओं का प्रशिक्षण
युवाओं का कौशल विकास केंद्र व राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत होगा। लक्ष्य में से आधे युवाओं को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षत किया जाएगा। इस योजना में 25 लाख युवाओं को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं टाटा टेक सीओआई के माध्यम से 81 हजार 520 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी तरह पीएम सेतु योजना में 37 हजार 200, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में 21 हजार 500, ग्रीन इकोनॉमी में 5400, सर्कुलर इकोनॉमी में सात हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
कुशल युवा कार्यक्रम तकनीक के तहत 18 लाख 37 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना है। वहीं डोमेन स्किलिंग में एक लाख 22 हजार, बीएस और सीएफए के तहत 36 हजार, भर्ती प्रशिक्षण तैनाती योजना में 70 हजार युवाओं को प्रशिक्षितकिया जाएगा।
क्यों जरूरी है कौशल विकास
कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर नि:शुल्क अल्पावधि का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका मकसद युवाओं को बाजार या उद्योग जगत की मांग के अनुरूप स्वरोजगार या रोजगार के लिए तैयार करना है। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवा भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के योग्य बन सकें।
स्कूलों में भी युवाओं को प्रशिक्षण
स्कूलों में पढ़ाई के दौरान ही युवाओं को प्रशिक्षित किए जाने की तैयारी है। शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों में एक लाख 42 हजार छात्रों का कौशल विकास करने का लक्ष्य तय किया गया है। बिहार में विदेशी भाषा का भी प्रशिक्षण शुरू हुआ है। पटना से शुरू प्रशिक्षण केंद्र को प्रमंडल और फिर िलों तक विस्तार करने की योजना है। सरकार ने स्कूलों में पांच साल में 39 हजार 280 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है। वहीं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के तहत 40 हजार 500 युवाओं का कौशल विकास होगा।
वर्षवार तय हुआ लक्ष्य
2026-27 : 04. 65 लाख
2027-28 : 11.27 लाख
2028-29 : 11.27 लाख
2029-30 : 11.33 लाख
2030-31 : 11.45 लाख






