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खनन माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, महानदी क्षेत्र से 14 ओवरलोड हाइवा पकड़े गए

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आरंग.

छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी का सीना चीरकर अवैध कमाई में जुटे रेत माफियाओं के खिलाफ रायपुर खनिज विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है. रायपुर कलेक्टर के सख्त आदेश और खनिज प्रशासन के उप संचालक राजेश मालवे के कड़े तेवरों के बाद विभाग ने आरंग-खरोरा मुख्य मार्ग पर ग्राम रानीसागर में आधी रात को बड़ी नाकेबंदी की.

इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में अवैध रेत से लदे 14 भारी-भरकम हाइवा वाहनों की जब्ती की गई. इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक, खनिज विभाग को पिछले कुछ समय से रंग क्षेत्र से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर रेत तस्करी के लगातार इनपुट्स मिल रहे थे. सूचना की तस्दीक होते ही खनिज निरीक्षकों की टीम ने ग्राम रानीसागर के पास नाकेबंदी की. जैसे ही रेत से भरे हाइवा वाहनों का काफिला वहां से गुजरा, टीम ने उन्हें रोक लिया.

जब चालकों से वैध दस्तावेज, रॉयल्टी रसीद और पीटपास (परिवहन पास) की मांग की गई, तो वे सकपका गए. बिना किसी वैध कागजात के शासकीय संपदा की चोरी कर जा रहे इन सभी 14 हाइवा वाहनों को तुरंत जब्त कर लिया गया. सभी वाहनों को खरोरा थाना परिसर में सुपुर्द कर दिया गया है. इन सभी वाहन स्वामियों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

15 दिनों से ‘ऑपरेशन क्लीन’ : चौतरफा घेरे जा रहे माफिया
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है. पिछले 15 दिनों से खनिज विभाग चौबीसों घंटे एक्शन मोड में काम कर रहा है. विभाग ने रेत के इस काले कारोबार पर तीनतरफा वार किया है, जिसमें नदी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में मशीनों की एंट्री रोकने, मुख्य और चोर रास्तों पर अचानक जांच करने और गांवों के पास बिना अनुमति जमा की गई लाखों रुपए की रेत की जांच करने जैसी कार्रवाई असरदार साबित हो रही है. इस बैक-टू-बैक एक्शन ने माफियाओं के पूरे सिंडिकेट और उनकी आर्थिक रीढ़ को तोड़कर रख दिया है. 

बेतरतीब माइनिंग से महानदी का स्वरूप बिगड़ा, ग्रामीण परेशान
रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद थे कि उन्होंने आरंग क्षेत्र में महानदी की प्राकृतिक संरचना को पूरी तरह तबाह कर दिया है. अंधाधुंध और बेतरतीब ढंग से की गई खुदाई के कारण नदी ने अपना रास्ता बदलना शुरू कर दिया है. नदी के गहरे होने से तटीय गांवों का वाटर लेवल (भूजल स्तर) तेजी से गिर रहा है. ग्रामीणों का कहना था कि भारी वाहनों के कारण सड़कें बर्बाद हो रही थीं और धूल का गुबार उड़ रहा था. प्रशासन की इस कड़क कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.

रेत माफियाओं के रसूख और टकराव की आशंका को देखते हुए इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय और मुस्तैदी से अंजाम दिया गया. इस साहसिक कार्रवाई में खनिज विभाग की पूरी टीम ने रात भर मोर्चा संभाला, जिसमें मुख्य रूप से खनिज निरीक्षक प्रवीण नेताम और प्रीति सिन्हा, सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा, विभागीय टीम संतोष पवार, रूपेंद्र चंद्राकर, रिजवान खान, लीलेश्वर मानिकपुरी, राजू बर्मन (सैनिक) शामिल रहे.

अवैध कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा
खनिज विभाग के उपसंचालक राजेश मालवे ने कहा कि कलेक्टर महोदय के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए. महानदी के स्वरूप से खिलवाड़ और राजस्व की चोरी करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा. हमारी यह कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार और पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहेगी.

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