Home मध्य प्रदेश यात्रियों के लिए जिलों में सुविधायुक्त बस स्टैंड और अन्य प्रबंध किए...

यात्रियों के लिए जिलों में सुविधायुक्त बस स्टैंड और अन्य प्रबंध किए जाएं

10
0

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के हित में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरूआत की गई है। प्रदेश में वर्ष 2005 में राज्य परिवहन निगम बंद किया गया था। राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, 25 सितम्बर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरूआत हुई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में 14 हजार 981 बसों के संचालन का लक्ष्य है। इस सेवा में पूर्व से संचालित फिट बसों का उपयोग भी किया जा रहा है, अत: नागरिकों सहित किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंर्तगत नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के संबंध में जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक को वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा निर्देशित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सेवा संकल्प माह के अंतर्गत प्रारंभ इस सुविधा से स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रियों को व्यवस्थित बस संचालन का लाभ दिलवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। संबंधित जिलों में प्रशासन के स्तर पर नागरिकों और बस आपरेटर्स को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सेवा के प्रदेशव्यापी विस्तार के साथ सभी जिलों में प्रशासनिक अमला नागरिकों की सुविधा के लिए सजग भूमिका का निर्वहन करेगा। वर्तमान में जिन रूट्स पर बसों का संचालन किया जा रहा है वहां मैदानी अमले द्वारा सहयोगी रवैया अपनाया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद स्थिति में हो तो उन्हें स्वच्छता अभियान चलाकर और बैठक एवं अन्य सुविधाओं का विकास कर उपयोगी बनाया जाए। जहां स्टाप या बस स्टैंड खत्म हो चुके हैं वहां भूमि उपलब्ध करवाकर यह सुविधा विकसित की जाए। परमिट के अलावा जो बसें चल रही हैं उनके व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए। निजी बस ऑपरेटरों के फिटनेस, परमिट की शर्तें, ड्राइवर का बस संचालन और व्यवहार के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रीय कंपनियों के साथ शहरों में आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए स्थानीय प्रशासन सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों के बाधारहित संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलवाया जाए। इसके साथ ही जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति की नियमित बैठकें की जाएं। जिला कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से भी प्रत्येक सप्ताह चर्चा करें।राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से सभी जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुतिकरण और सुझाव प्राप्त करने की काईवाई भी सुनिश्चित की जाए। आम जनता के हित में सभी एजेंसियों के बीच परस्पर आवश्यक संवाद रहे।

परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ दिलवाने के लिए निजी बस ऑपरेटरों को आवश्यक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यात्रियों से प्राप्त सुझावों पर भी प्रशासन की ओर से जरूरी प्रबंध किए जाएं।

मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। परिवहन क्षेत्र में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले इसलिए बस ऑपरेटर्स से प्रशासन का नियमित संवाद हो। विभिन्न तरह की भ्रांतियां को समाप्त किया जाए। जो पूर्व से संचालित फिट बसें हैं, उनका संचालन किया जा रहा है। अनेक आधुनिक तकनीक भी अपनाई गई हैं, जिसमें यात्री एप के माध्यम से यात्रा के संबंध में बेहतर प्लान कर यात्रा कर सकता है।

परिवहन सचिव  मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर। वर्तमान में प्रारंभ की गई बसों की संख्या निरंतर बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को लाभान्वित करने के साथ निजी ऑपरेटर को उसके कार्य और व्यवसाय का जायज लाभ हो, इसका ध्यान रखा गया है। राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। आने वाले तीन माह में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1190 में से 400 पदों के लिए नियुक्ति की कार्रवाई भी पूर्ण की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे। प्रदेश में गत 10 माह में यात्री संख्या और रूट सर्वे के माध्यम से जो आकलन किया गया और आवश्यक बसों की संख्या का अनुमान लगाया गया उसके अनुसार प्रदेश में सात क्षेत्र में 3636 मार्गो पर 13006 बसों की व्यवस्था की जाना है। चरणबद्ध विस्तार भी किया जाएगा। वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14981 बसों के संचालन में सफलता मिलेगी। राज्य स्तरीय आईटीएमएस प्लेटफार्म एक विशेष सुविधा है। चलो मोबिलिटी के अंतर्गत आईटीएमएस का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक माड्यूल निर्धारित किए गए हैं। परिवहन सचिव  मनीष सिंह ने सुगम बस संचालन के लिए अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जानकारी दी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here