इन्दौर । दत्तोपंत ठेंगडी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, इन्दौर में आज श्रमिक शिक्षा दिवस मनाया गया। इसी अवसर पर हिन्दी पखवाड़े की भी शुरूआत हुई। श्रमिक शिक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित 'बदलते वैश्विक परिदृश्य में दत्तोपंत ठेंगडी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड की भूमिका' विषय पर संगोष्टी में पीथमपुर औध्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने कहा कि हमारा दश युवाओं का देश है।  उन्हे कौशल विकास के जरिये मुख्य धारा में जोड़ना होगा। इस कार्य में गैर सरकारी संगठनो की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा युवाओं का आह्वान किया कि वे बदलते परिवेश में तकनीकी के साथ अपडेट रहें। उन्होंने सुझाव दिया कि अपनी जरूरतें सीमित रखते हुए छोटी छोटी बचत करें ताकि आर्थिक मंदी के दौर में भी अपने परिवार का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें। 
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रमिक शिक्षा केंद्र की सलाहकार समिति के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुन्दर यादव ने कहा कि दत्तोपंत ठेगडीजी जमीन से जुडे हुए सक्रिय कार्यकर्ता रहे है, उन्होने सभी मजदूर संगठन में कार्य किया, ऐसे महान व्यक्ति के नाम पर बोर्ड का नामकरण किया गया है यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होने कहा की जिस तरह इन्दौर के नागरिकों ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय भागीदारी निभाई है उसी तरह जल संरख्सन और यातायात को सुधाराने में भी सक्रिय सहयोग प्रदान करें तो इन्दौर वाकई एक आदर्श शहर के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकेगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बी.एम.एस. के मंत्री एल.एन. मारू ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो के सहायक निदेशक मधुकर पवार ने कहा कि अपनी मातृभाषा में बेहतर और प्रभावी अभिव्यक्त करना आसान होता है। संचार क्रान्ति के कारण अब हिन्दी वैश्विक भाषा का स्वरुप ले रही है। हिन्दी फोनेटिक भाषा होने के कारण कम्प्युटर में हिन्दी में काम करना आसान है। पवार ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब हिन्दी विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा का दर्जा प्राप्त करेगी और हिन्दी कम्प्युटर की भी भाषा जरूर बनेगी। 
कार्यक्रम के आरम्भ में दत्तोपंत ठेंगडी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के प्रभारी क्षेत्रीय निदेशक अरविंद धुर्वे ने ‘‘क्षेत्रीय निदेशालय की प्रगति एवं आने वाले समय में बोर्ड के समक्ष चुनौतियो की चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन शिक्षा अधिकारी मयूर गंगराडे  ने किया। कार्यक्रम में कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक बाबू, अनेक स्वयं सेवी संगठनो के पदाधिकारी सहित अनेक श्रमिक शिक्षक और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवक युवतियां मौजूद थीं।