भोपाल । मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 12वीं पूरक परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है। यह मामला जबलपुर के ब्योहारबाग परीक्षा केन्द्र में का है। मंडल ने छात्र की उत्तरपुस्तिका मंगवाई है। इसमें जांच की जाएगी कि छात्र ने उत्तरपुस्तिका में कौन से विषय का उत्तर लिखा है। छात्र ने अगर व्यावसायिक अर्थशास्त्र विषय का उत्तर लिखा होगा तो केन्द्राध्यक्ष-सहायक केन्द्राध्यक्ष और पर्यवेक्षक पर कार्रवाई होना तय है, लेकिन व्यावसायिक अध्ययन विषय लिखा होगा तो यह गलती छात्र की मानी जाएगी। इसमें मंडल किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करेगा। मंडल परीक्षा नियंत्रक ने छात्र और अभिभावकों को भी 19 अगस्त को कार्यालय बुलाया है। छात्र-अभिभावक, केन्द्राध्यक्ष, सहायक केन्द्राध्यक्ष और पर्यवेक्षक को एक साथ खड़े करके मंडल के अधिकारी सवाल-जवाब करेंगे। मालूम हो कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड की पूरक परीक्षा 3 जुलाई को जबलपुर सहित समस्त जिलों में आयोजित की गई थी। पूरक परीक्षा में जिले के ब्योहारबाग स्कूल परीक्षा केन्द्र में उस समय गड़बड़ी सामने आई जब एक छात्र व्यावसायिक अध्ययन की जगह अर्थशास्त्र का पेपर हल कर दिया गया। इस मामले में खास बात यह है कि छात्र ने पेपर गलत देने की जानकारी परीक्षा केन्द्र में मौजूद अधिकारियों को दी, परंतु किसी ने छात्र की बात नहीं सुनी। नतीजा छात्र को अपने विषय के विपरीत जाकर पेपर हल करना पड़ा। 
    मालूम हो कि ब्योहारबाग स्कूल परीक्षा केन्द्र में 3 जुलाई को 12वीं पूरक के 15 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में कमरा नंबर 6 में रोल नंबर 297140760,297140773 की बैठी दो छात्राएं और कमरा नंबर 15 में बैठे रोल नंबर 28710096 व्यावसायिक अध्ययन के एक छात्र को व्यावसायिक अर्थशास्त्र का पेपर बांट दिया गया। कमरा नंबर 6 में बैठी छात्राओं ने परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद पर्यवेक्षक को जानकारी दी कि यह पेपर व्यावसायिक अर्थशास्त्र का है, जबकि वह अध्ययन विषय की छात्राएं हैं। छात्राओं की शिकायत पर अर्थशास्त्र का पेपर बदलकर उन्हें अध्ययन का दिया गया। 28710096 अनुक्रमांक वाले छात्र का पेपर नहीं बदला गया। इस पूरे मामले में छात्र का भविष्य अंधकार में है, क्योंकि मंडल का तर्क है कि गलती तो हुई, लेकिन इसमें छात्र को पास नहीं किया जा सकता और न ही एक छात्र की दोबारा परीक्षा हो सकती है। हालांकि मंडल अधिकारियों का तर्क है कि जांच पूरी होने के बाद इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में माशिमं के संभागीय अधिकारी इब्राहिम नंद का कहना है कि इस मामले में सारे निर्णय मुख्यालय के अधिकारियों को लेना है। 19 अगस्त को संबंधितों की पेशी होने के बाद तय होगा कि छात्र गलत था या फिर परीक्षा केन्द्र के जिम्मेदार।