रायसेन की एक बेटी दिव्यांशी दिल्ली में मिस इंडिया एलीगेंट बनी है । इसके लिए  दुबई में भी मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए कई राउंड हुए थे।इस प्रतियोगिता में पूरे देश के विभिन्न राज्यों से तीस महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया था । दिव्यांशी ने  दुबई में पांच दिन तक रहकर टॉप टेन में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत की । यह प्रतियोगिता ग्लाममोन संस्था द्वारा आयोजित की गई थी। 2018 में भोपाल के एक इंजीनियरिग कालेज की मिस इंजीनियर रहीं दिव्यांशी भोपाल में एम टेक कर रही हैं। तथा मिस इंडिया के इस खिताब के लिए पिछले पांच माह से तैयारी कर रही थी।

 दिल्ली में सम्पन्न  हुई मिस इंडिया प्रतियोगिता में रायसेन की बेटी दिव्यांशी यादव मिस इंडिया एलीगेंट चुनी गई है। यह प्रतियोगिता ग्लाममोन संस्था द्वारा आयोजित की गई थी। 

मिस इंडिया एलीगेंट चुनी गईं दिव्यांशी यादव ने बताया कि मिस इंडिया प्रतियोगिता में चयन के लिए उन्होंने अपनी पूरी दिनचर्या ही बदल ली थी।डायटेशियन की मदद से उसने न केवल अपना 10 किलो तक बजन कम किया। बल्कि प्रतियोगिता में बने रहने के लिए डांस करना भी सीखा। दुबई में भी पांच दिन रहकर टॉप टेन में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। दुबई में भी प्रतियोगिता के लिए तीन राउंड करवाए गए थे। यहां पर जजेज ने उसे मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए चयनित कर लिया। दिल्ली में हुई इस प्रतियोगिता में देश भर की 30 युवतियों ने भाग लिया, जिसमें दिव्यांशी यादव को मिस इंडिया एलीगेंट के रूप में चुन लिया गया। यह खिताब दिल्ली में फिल्म अभिनेत्री पूजा बत्रा ने प्रदान किया। इस मौके पर फिल्मों से जुड़े नबाव शाह, अमन वर्मा और दुबई से आए मेहमान हिना आरा और अमिता नागनानी द्वारा प्रदान किया गया। इंडिया एलीगेंट चुनी गई दिव्यांशी यादव ने बताया कि दुबई में 19 से 20 घंटे तक उसे प्रैक्टिस करना पड़ी। दो से तीन घंटे ही सोने को मिल पाया। लगातार प्रैक्टिस करने के कारण ही उसे यह खिताब मिल पाया है। इस खिताब को पाने के लिए उसने अपना 10 किलो तक बजन भी कम किया। साथ ही प्रतियोगिता के नियमों को फालो करने के लिए उसे डांस भी सीखना पड़ा। दुबई में उसने आदिवासी लुक में अपना प्रदर्शन कर जजेज का दिल जाता। उसके डांस को भी खूब सराहना मिली। दिव्यांशी इस कामयाबी का श्रेय अपने मम्मी पापा ओर परिवार को देती हैं।

दिव्यांशी के माता.पिता ने भी अपनी बेटी का खूब हौसला बढ़ाया । दिव्यांशी के पिता रामगोपाल यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को एक ही मंत्र दिया है कि जिंदगी में जो कुछ  करना हैं तो उसको पाने के लिए कोई कसर मत छोड़ो। दिव्यांशी की मां सुमन यादव भी  बेटी की इस कामयाबी से उत्साहित हैं। वे अपनी बेटी की इच्छाओं को ध्यान में रखकर उसका हौसला बढ़ा रही हैं।  उनका कहना है कि बेटी को मिस इंडिया एलीगेंट का खिताब मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है।