भोपाल । पिछले 10 सालों में पहला मौका है जब जून की शुरुआत में ही राजधानी की लाइफलाइन कहे जाने वाला बडा तालाब का पानी सबसे कम लेवल पर पहुंच गया है। तालाब के बीचोबीच स्थित तकिया टॉपू के चारों ओर का पानी सूख चुका है। यहां लोग पैदल घूमफिर रहे हैं। तालाब का वर्तमान लेवल 1650.85 फीट तक पहुंच गया है। जबकि पिछले साल यह लेवल 23 जून को पहुंचा था। यानी 12 दिन पहले ही तालाब की यह हालात हो गई है। वर्तमान में 36 वर्ग किमी पानी का दायरा घटकर 7 वर्ग किमी के करीब में सिमट गया है। इससे तालाब की ईकोलॉजी सिस्टम पर खतरा पैदा हो गया है। पानी की कमी से इसमें रहने वाले जलीय जीव और जलीय वनस्पतियों को ऑक्सीजन की कमी से इनके समाप्त होने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही इससे होने वाली पानी सप्लाई भी बाधित होगी। क्योंकि तलहटी में जमा खरपतवार से पंप बंद होने लगे हैं। इससे गंदा पानी सप्लाई होगा। अक्टूबर में तालाब छह फीट से अधिक खाली रह गया था। 
    तालाब से रोजाना 30 एमजीडी पानी लिया जाता है, निगम प्रशासन को चाहिए था कि तालाब से 15 एमजीडी की कटौती कर नर्मदा और कोलार से आपूर्ति करते। लेकिन सिर्फ 10 एमजीडी की कटौती ही कई वह भी अप्रैल महीने में। इससे लेवल तेजी से घटता गया।शहर में अल्टरनेट डे सप्लाई की प्लानिंग थी लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण सहमति नहीं बन पाई। तालाब में कोलांस नदी सहित 14 नालों से पानी आता है, लेकिन इसके मुहाने में गाद जमा है, जिसकी सफाई नहीं की गई। जिससे पानी का लेवल नहीं बढ़ पाया।तालाब के केचमेंट में अतिक्रमण होने से बारिश का पानी तालाब तक पहुंचने में बाधित हुआ। नगर निगम के सूत्रों की माने तो वर्ष 2008 में कम बारिश के कारण तालाब 1655 फीट ही भर पाया था। इसके चलते वर्ष 2009 में जून आखिर तक पानी का लेवल 1646.45 फीट तक पहुंच गया था। यहां बता दें कि इस साल निगम द्वारा अक्टूबर से ही अल्टरनेट डे सप्लाई कर भीषण जलसंकट से निपटा गया था। तालाब जितना अधिक खाली होगा, उसे भरने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत होगी। सामान्य या सामान्य से कम बारिश से तालाब इस साल भी खाली रह जाएगा। इसलिए जरूरी था कि कटौती कर तालाब से पानी कम लिया जाए।