मुंबई । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चक्रवाती तूफान निसर्ग के मद्देनजर लोगों को दिनों तक अपने घर में रहने की अपील की है। इससे पहले चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ के खतरे के मद्देनजर मुंबई में समुद्र तट के किनारे लोगों के आवागमन पर गुरुवार दोपहर तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुंबई पुलिस ने बताया कि आईपीसी की धारा 144 के तहत एक आदेश जारी किया गया है।

शहर की पुलिस ने एक बयान में कहा गया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के अनुसार, शहर के चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है और मानव जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। बयान में कहा गया, ‘‘इस आदेश के साथ मुंबई पुलिस ने समुद्र तटों के पास स्थित सार्वजनिक स्थानों, सैरगाह, पार्कों और तटों के किनारे स्थित अन्य स्थानों पर एक या एक से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति या आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।

पुलिस ने बयान में कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (एक लोक सेवक द्वारा विधिपूर्वक घोषित आदेश की अवहेलना) के तहत कार्रवाई हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर बाद महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में चक्रवाती तूफान के आने की आशंका है।

प्रधानमंत्री ने चक्रवात ‘निसर्ग’ के मद्देनजर महाराष्ट्र, गुजरात के मुख्यमंत्रियों से बात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘निसर्ग’ के मद्देनजर मंगलवार को महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्रियों से बात की तथा उन्हें केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। चक्रवात के तीन जून की शाम उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से गुजरने की संभावना है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मोदी ने दमन , दीव, दादरा और नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल के . पटेल से भी बात की। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि अरब सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र की स्थिति और गहरी हो गई है तथा आगे यह चक्रवाती तूफान में तब्दील होगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया , ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी तथा दमन दीव दादरा और नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल के . पटेल से चक्रवात की स्थिति को लेकर बात की। ’’ कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।