बिलासपुर ।  शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और एक खास तरीके की सुविधा आईटीएमएस की सौगात बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड शहर को देने जा रही है। आज राजधानी रायपुर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी पीएफआईसी की बैठक में इस योजना की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी गई है। अब ज़ल्द ही इसके लिए टेंडर किया जाएगा.पीएफआईसी की बैठक में शामिल होने आज एमडी प्रभाकर पाण्डेय टीम के साथ आज रायपुर गए हुए थे,जहां स्मार्ट सिटी टीम के द्वारा प्रेजेन्टेशन के बाद इस योजना को स्वीकृति दे दी गई।
कंसालिडेटेड स्मार्ट साल्यूलेशन इंप्लीमेंटेशन प्रोग्राम के तहत बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड आईटीएमएस की सुविधा शहर को देने जा रही है.जिसमें शहरी यातायात का व्यवस्थित संचालन किया जाएगा,इस योजना के अमल में आने से कोई भी ट्रैफिक नियम को तोड़ नहीं पाएगा और अगर कोई ट्रैफिक नियमों को तोड़ता है तो कैमरे के ज़रिए ट्रैस करके ई चालान खुद ब खुद उसके पास पहुंच जाएगा। सुरक्षा की दृष्टी से भी यह योजना काफी महत्वपूर्ण है,चौक चौराहों पर लगे कैमरे के ज़रिए पूरे शहर की निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा आपदा के समय भी इस सिस्टम के ज़रिए बेहतर काम किया जा सकेगा।
योजना एक नजऱ में
कंसालिडेटेड स्मार्ट साल्यूलेशन इंप्लीमेंटेशन प्रोग्राम का यह पूरा हिस्सा है जिसके बन जाने से शहर में यातायात समस्या से मुक्ति मिलेगी,तारबाहर में कमांड एंड कंट्रोल रूम बनेगा जहां से इसका संचालन किया जाएगा। अगर कोई ट्रैफिक रूल तोड़ेगा तो चालान संबंधित के पते पर खुद ब खुद चला जाएगा,चौक चौराहों पर लगे कैमरे के ज़रिए कंट्रोल रूम से पूरे शहर की निगरानी की जा सकेगी जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी अहम है।नगरीय निकाय की ई-गवर्नेंस सेवा का लाभ सीधे यहाँ से भी लिया जा सकेगा। किसी भी आपदा के समय कंट्रोल रूम के ज़रिए उससे निपटने का काम आसानी से किया जा सकेगा,दुर्घटना होने पर तत्काल मदद मिलेगी। किसी भी आपातकाल के लिए इस सिस्टम के ज़रिए व्यवस्था बनाई जा सकेगी।
तारबाहर में बनेगा कमांड एंड कंट्रोल रूम
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का कमांड एंड कंट्रोल रूम तारबाहर थाना परिसर में बनाया जाएगा इसके लिए स्थल का निरीक्षण किया जा चुका है।
एक साल के भीतर हो जाएगा तैयार-कमिश्नर
पीएफआईसी की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद निगम कमिश्नर और एमडी श्री प्रभाकर पाण्डेय ने बताया की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद अब जल्द ही इसके लिए टेंडर किया जाएगा और टेंडर की प्रक्रिया के बाद एक साल के भीतर आईटीएमएस की सौगात शहरवासियों को मिल जाएगी।